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मेटल फैब्रिकेशन · जंग

गेट और ग्रिल में जंग: कैसे रोकें और कब नया बनवाएं

माइल्ड स्टील वहीं जंग पकड़ता है जहां पेंट फट गया हो और पानी रुकता हो: नीचे की पट्टी, वेल्डिंग के जोड़ और खोखले पाइप। ऊपरी जंग को खुरचकर, प्राइमर लगाकर और दोबारा पेंट करके रोका जाता है। जंग ने लोहे में छेद कर दिया हो, तो वह हिस्सा काटकर बदलना पड़ता है या नया गेट।

अपडेट दिल्ली NCR

मकान के प्रवेश पर पेंट किया माइल्ड स्टील का मेन गेट, नीचे की पट्टी और कब्ज़े दिखते हुए

गेट में जंग कैसे रोकें, यह सवाल गुड़गांव, नोएडा और पूरे NCR में हर मानसून के बाद पूछा जाता है। MS (माइल्ड स्टील) यानी आम लोहा, खुला छोड़ दिया जाए तो जंग खाता ही है; उसे मौसम से बचाने वाली अकेली चीज़ पेंट की परत है। मानसून की बारिश हर जोड़ में घुसती है, फिर 45 डिग्री की धूप पेंट को फाड़ देती है, और कमज़ोर जगहें जल्दी सामने आ जाती हैं। अच्छी खबर यह है कि समय पर पकड़ी गई ज़्यादातर जंग बस दोबारा पेंट का काम है, नया गेट नहीं।

जंग कितनी गहरी है, पहले यह देखें

लोहे के गेट और ग्रिल में जंग: स्टेज और इलाज
स्टेजकैसी दिखती हैक्या करना होगा
ऊपरी जंगफूले या उखड़े पेंट के नीचे नारंगी परत, लोहा मज़बूतखुरचें, तार ब्रश, प्राइमर, पेंट
परतदार जंगपरतें उतरती हैं, लोहे में गड्ढेचमकते लोहे तक घिसें, प्राइमर, पेंट; मोटाई जांचें
छेदछेद, भुरभुरे किनारे, सरिया मुड़ने लायक पतलाहिस्सा काटकर नया वेल्ड करें, या बदलें
छिपी जंगजोड़ या खोखले पाइप से बहते जंग के धब्बेखोलकर देखें; अक्सर अंदर ज़्यादा खराब

जंग वहीं क्यों लगती है जहां लगती है

  • नीचे की पट्टी: ज़मीन के सबसे पास, सड़क के छींटे और प्लिंथ पर रुका पानी। लगभग हमेशा जंग यहीं से शुरू होती है।
  • ऊपर से सपाट पट्टियां और खोखले सेक्शन: बारिश के बाद पानी इनमें रुका रहता है। खोखले पाइप अंदर से जंग खाते हैं, नज़र से दूर, इसीलिए ठीक दिखता गेट अचानक छेद दिखाने लगता है।
  • बिना प्राइमर के वेल्डिंग जोड़: वेल्ड खुरदुरे होते हैं। घिसकर प्राइमर न लगा हो, तो हर जोड़ से जंग की धारियां बहती दिखती हैं।
  • सीधे लोहे पर एक कोट इनेमल: जंगरोधी प्राइमर के बिना पेंट एक-दो सीज़न में उखड़ जाता है। जल्दबाज़ी में बनी ग्रिल पहले ही मानसून में यह दिखा देती है।
  • रोज़ की घिसावट: कुंडी, कब्ज़े, स्टॉपर से टकराने वाली जगह और जहां सब हाथ से धकेलते हैं, वहां पेंट घिसकर लोहा खुल जाता है।

खुद क्या कर सकते हैं

  1. धूल और पक्षियों की बीट धो दें; ये पेंट पर नमी पकड़े रखती हैं।
  2. छोटी जगहों पर ऊपरी जंग तार ब्रश से मज़बूत लोहे तक साफ करें, पोंछें, फिर जंगरोधी प्राइमर और उसके बाद पेंट लगाएं। यह सूखे मौसम में करें।
  3. गेट के नीचे और ट्रैक या प्लिंथ से मिट्टी-पत्ते हटा दें ताकि पानी न रुके।
  4. सबसे खराब जगह पर पेचकस से दबाकर देखें। पार हो जाए, तो हिस्सा गल चुका है और फैब्रिकेटर चाहिए।

पेंट, मरम्मत या नया गेट?

जंग ऊपरी है और लोहा मज़बूत है, तो ढंग का दोबारा पेंट (खुरचना, प्राइमर, दो कोट) काफी है। सिर्फ नीचे की पट्टी या कुछ सरिये गल गए हों, तो उन्हें काटकर नया लोहा वेल्ड किया जाता है और फिर पूरा गेट प्राइमर-पेंट होता है। नया गेट तब बनवाएं जब जंग हर तरफ हो, खोखले सेक्शन अंदर से सड़ चुके हों, गेट साथ में लटक गया हो (गेट का झुकना और घिसटना), या मरम्मत लगभग नए जितनी महंगी पड़ रही हो।

नया MS मेन गेट या खिड़की की सेफ्टी ग्रिल ड्रेन होल, घिसे और प्राइमर लगे जोड़ों, और पाउडर कोटिंग या बेहतर पेंट सिस्टम के साथ बनवाया जा सकता है। पाउडर कोटिंग मोटी, भट्टी में पकी परत होती है जो आम तौर पर ब्रश वाले इनेमल से ज़्यादा चलती है, पर यह नए या पूरी तरह साफ किए गेट पर प्लांट में ही होती है। गेट, ग्रिल और सेफ्टी डोर के बारे में सब कुछ मेटल फैब्रिकेशन पेज पर है।

FabWise से कैसे करवाएं

WhatsApp पर फोटो भेजें: पूरा गेट या ग्रिल, सबसे खराब जंग का क्लोज़-अप, नीचे की पट्टी और कब्ज़े। इससे आम तौर पर पता चल जाता है कि काम पेंट का है, हिस्सा बदलने का या नए गेट का। देखने की ज़रूरत पड़े तो साइट विज़िट ₹99 की है, जो काम करवाने पर बिल में एडजस्ट होती है। मेटल का काम विज़िट के बाद कोट होता है, इसका कोई तय रेट नहीं।

अगले मानसून के लिए

  • हर मानसून के बाद गेट और ग्रिल देखें, छोटे चिप फैलने से पहले टच-अप करें।
  • खोखले सेक्शन में नीचे ड्रेन होल और ऊपर कैप हों।
  • गेट के नीचे की ज़मीन साफ और ढलान वाली रखें ताकि पानी न रुके।
  • पेंट फेल होने के बाद नहीं, उससे पहले हर कुछ साल में पूरा गेट पेंट करवाएं।

स्लाइडिंग गेट जाम भी होने लगा हो तो स्लाइडिंग गेट अटकना देखें। बालकनी की लोहे की रेलिंग में जंग हो तो रेलिंग पेज पर SS और MS का फर्क समझें। अपने शहर के लिए गुड़गांव या फरीदाबाद का पेज देखें, या सीधे फोटो भेजें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

गेट में जंग लग गई है, पेंट करने से ठीक हो जाएगा?

तभी, जब पहले जंग हटाई जाए। जंग के ऊपर पेंट करेंगे तो वह पेंट के नीचे फैलती रहेगी। खुरचकर या ब्रश से साफ लोहे तक ले जाएं, जंगरोधी प्राइमर लगाएं, फिर पेंट करें। लोहे में छेद हों या वह भुरभुरा हो, तो वह हिस्सा फैब्रिकेटर से कटवाकर बदलवाना होगा।

लोहे के गेट को जंग से कैसे बचाएं?

जंग को तार ब्रश या ग्राइंडर से मज़बूत लोहे तक हटाएं, साफ और सूखा करें, जंगरोधी प्राइमर लगाएं, फिर दो कोट पेंट। गेट के ऊपर या नीचे पानी न रुकने दें और हर साल चिप टच-अप करें। सीधे जंग पर पेंट करने से जंग नहीं रुकती।

MS गेट के लिए पाउडर कोटिंग अच्छी है या पेंट?

पाउडर कोटिंग आम तौर पर ज़्यादा चलती है क्योंकि यह मोटी, पकी हुई परत है, पर यह नए या पूरी तरह साफ किए गेट पर कोटिंग प्लांट में होती है। लगे हुए पुराने गेट के लिए अच्छा प्राइमर और पेंट ही व्यावहारिक है। दोनों में सतह की तैयारी सबसे अहम है।

खिड़की की ग्रिल नीचे से ही क्यों जंग खाती है?

नीचे की पट्टी और जहां सरिये फ्रेम से मिलते हैं, वहां बारिश का पानी और धूल रुकती है, और खिड़की की सिल से पानी के छींटे उन पर वापस गिरते हैं। बिना घिसे और बिना प्राइमर के वेल्ड पहले जंग खाते हैं। सिल का पानी निकलता रहे और हर मानसून के बाद नीचे की पट्टी टच-अप हो, तो काफी फर्क पड़ता है।

जंग लगा गेट ठीक होगा या नया बनवाना पड़ेगा?

ऊपरी जंग सिर्फ पेंट का काम है। जो हिस्से गल गए हैं, आम तौर पर नीचे की पट्टी या कुछ सरिये, वे काटकर नए लोहे से बदले जा सकते हैं और फिर पूरा गेट पेंट होता है। जंग हर तरफ हो या खोखले सेक्शन अंदर से सड़ गए हों, तो नया गेट आम तौर पर बेहतर सौदा है।

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